21 साल…मुक्तांगण के साथ…
ये है मेरी कहानी…
आज से ठीक 21 साल पहले मेरी नशामुक्ती के लिये मेरे पिताजी Anil Pote ने मुझे Muktangan Rehabilitation Center, Pune, India मे दाखिल किया था. मैने वहापर उपचार लिये और वहीपर काम करने लगा. इस घटना को 21 साल पूरे हुए. मेरे युवा अवस्था के अहम साल नशा करने मे चले गये. नशामुक्ती भी आसान नही रही. संघर्ष जीवन का एक हिस्सा है. मुझे लगा के इन संघर्ष के सालोमे मेरी कुछ उपलब्धीयाँ भी रही है जो मैने मेरी मेहनत से हासील की है वो मुझे आपके सामने रखना जरुरी है.
लोग जब बडे बन जाते है , मतलब बडा काम से ही होता है आदमी लेकिन ये जब अपनी struggle की कहानी सुनाते है ना तो आम आदमी में विश्वास जगता है की मै भी ऐसे बन सकता हूं..! आगे दी गयी लिस्ट बिलकुल मेरी वाहवाही के लिये नही है बल्की आदमी अगर ठान ले तो अपने लक्ष्य को जरूर पा सकता है ये विश्वास जगाने के लिये है..! इन उपलब्धी्योकी ओर देखते समय ये एक recovering addict की journey है ये जरूर ध्यान मे रखे 🙏
1) जून 2024 शराब से नशामुक्ती के 15 साल पुरे किये
2) डिसेंबर 2023 तंबाखू मुक्ती के 10 साल पुरे किये
3) YCMOU से B. A की डिग्री हासील की
4) मई 2011 मे शादी हुई और मेरी पत्नी Parinita Pote भी मुक्तांगण मे काम करने लगी, मेरी नशा के बिमारी के बारे में जानते हुए भी उसने मुझे अपनाया और समझा. आज वो मुक्तांगण में काम करने के साथसाथ अपनी Phd की पढाई कर रही है. हम दोनोंको इस नशामुक्ती अभियान के noble cause के लिये एकसाथ काम करने के लिये ‘ मुक्तांगण कपल ‘ करके जाना जाता है.
5) मई 2014 मे लडके का जन्म हुआ जिसका नाम कैवल्य है. हम उसे उसका बचपन उसके विचारोनुसार जीने का उसका अधिकार देते है. समाजनियम हम उसपर लाडते नही है.
6) 2016 – 2017 में मैने रनिंग ग्रुप जॉईन किया और पुणे, गोवा और हैद्राबाद में हाफ मॅरेथॉन ( 21 kms ) में हिस्सा लेकर उन्हे निर्धारित समय से पेहले पूरा किया.
7) 2018 में पुणे की Everester रेह चुकी Aparna Prabhudesai के लीडरशीप में मैने Everest Base Camp पर मुक्तांगण का बॅनर गर्व से फेहराया. नशे से दूर रेहकर व्यक्ती दुनिया के सबसे उंचे परबत Everest के Base Camp तक पहूंच सकता है ये मिसाल मैने दुनिया के सामने रखी.
8) HMI दार्जिलिंग से Basic Mountaineering Course A grade से पूरा किया
9) NIM उत्तरकाशी से Advance Mountaineering Course A grade से पूरा किया
10) TSAF के साथ पदमश्री Bachendri Pal जी के लीडरशिप में उत्तराखंड में Triple Pass Mountain Challenge में विशेष श्रेणी में हिस्सा लिया और उसमे सफलता हासील की.
11) पुणे के Bhagwan Chawale Everester के लीडरशिप में लडाख के Nun expedition में हिस्सा लिया और base camp तक पहुचने में सफल रहा.
12) 2023 April 8 से 23 तक SG Trekkers के द्वारा Trek Leader के स्वरूप में Everest Base Camp ट्रेक दुसरी बार पूरा किया और इस बार मुक्तांगण की प्रार्थना Everest Base Camp पर सादर करते हुए मुझे अपने आप पर बडा फक्र मेहसूस हुआ…
शराब और तंबाखू का नशा आदमी के शरीर और मन को खोकला कर देता है. उपर दी गयी लिस्ट की बाते शारीरिक और मानसिक रूपं से demanding activities है. देखा गया है के नॉर्मल व्यक्ती भी इन परिस्थितीयोमे बहुत जल्दी give up कर देते है. पहाड दूर से ही अच्छे दिखते है ऐसा मानकर उनकी खुबसूरती को नजदिक से अनुभव करने से लोग कतराते है. यही कारण है के mountaineering को main stream से दूर रेहना पडा है और जोखीम से भरे होने के बावजूद भी ये activity करने वालो को recognition अन्य activity करने वालो की तरह नही मिलता है. आने वाले सालो में मेरी कोशिश यही रहेगी के ज्यादा से ज्यादा लोगो को मै पहाडो के और लेके जाने के लिये का माध्यम बनू…
आगे आने वाले सालो में भी ये सिलसिला जारी रहेगा. What difference can i bring in someone else’s life..? इस सवाल की खोज में मेरा ये सफर इसी हौसले के साथ शुरु रहेगा…
आप सभीके सहयोग के लिये मै सदा आपका कृतग्य राहुंगा 🙏